स्मार्ट फोन का श्रेष्ठतम् उपयोग..?

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सबसे पहले एक प्रश्न स्वयं से पूछिए कि क्या आप अंतरात्मा की आवाज को सुनते हैं ?इसका उत्तर यदि हाँ है तो इसका अर्थ है कि आप एक योगी या आंशिक योगी हैं क्योंकि योगी का अर्थ होता है। ऐसा व्यक्ति जो परमात्मा, ईश्वर, अल्लाह, गॉड, भगवान रुपी परमसत्ता के निकट हो, दूसरे शब्दों में कहा जा सकता है अपनी अंतरात्मा की आवाज को सुनने वाला व्यक्त क्योंकि अंतरात्मा की आवाज को वही व्यक्ति अधिक स्पष्ट सुन सकता है जो परमात्मा के अधिक निकट हो।क्योंकि, अंतरात्मा की आवाज ही परमात्मा की आवाज है।जो लोग अंतरात्मा की आवाज को सुन कर अपने जीवन के निर्णय करते हैं वह सदैव ही ईश्वर के आशीर्वाद के निकट होते हैं, ऐसा जानना चाहिए। इसीलिए उनका जीवन सदैव ही सद्गति की ओर अग्रसर होता है । इसलिए यदि आप एक योगी या आंशिक योगी हैं या योग के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहते हैं और जानना चाहते हैं, कि अंतरात्मा की आवाज को कैसे, स्पष्ट रुप से सुना जा सकता है? कैसे हमारे जीवन की यात्रा व गति सही दिशा में हो? तो योगीज सेना आपके लिए आध्यात्म साधना से राष्ट्रसेवा का एक उपयुक्त व् उत्तम माध्यम है। क्योंकि

योगीज़⛳सेना ऐसे लोगों (योगियों) का समूह है जो अंतरात्मा की आवाज को सुनकर कार्य करते हैं व राष्ट्रसेवा करना चाहते हैं।

योगीज⛳सेना से जुड़ने का आप सभी के पास यह सर्वोत्तम कारण है।

?CLICK TO JOIN YOGIS⛳SENA?

हम सब योगी व भावी योगी (समाजसेवी) यदि अपना थोड़ा सा समय व् ऊर्जा योगीज़ सेना के माध्यम से राष्ट्र को नियमित दान दें। तो यह राष्ट्र आध्यात्मिकता व समृद्धि के उच्च शिखर को पुनः छू सकता है । राष्ट्रहित में समाज की सेवा के लिए आपसे आग्रह व अपेक्षा है,कि

1. योगीज़ सेना के क्षेत्रीय WhatsApp ग्रुप में जुड़ें व और भी उपयुक्त लोगों को जोड़ दें। व ग्रुप के साथियों को अनावश्यक पोस्ट ना डालने व योगीज ⛳सेना के लक्ष्य अनुरूप पोस्ट के लिए प्रेरित करते रहें।अपने मंडल व् राज्य के व्हाट्सएप्प ग्रुप से जुड़ने के लिए 09719339320 पर call या whatsapp कर सकते हैं।

2. अपने साथियों व आस पास के लोगों को (स्व+अर्थ) ?स्वार्थ योग की आवश्यकता? के माध्यम से समाज में स्वार्थ की सही परिभाषा को स्थापित करें।

3. हमारी वेबसाइट yogissena.com के पोर्टल

?INDIAN GOVT. POLICIES?पर क्लिक करके वहां से कुछ अच्छी पॉलिसीज को आसान भाषा में परिवर्तित कर योगीज सेना वेबसाइट पर व सोशल मीडिया पर अपलोड/शेयर करें व् करायें। व अपने सभी कॉन्टेक्ट्स को शेयर करें।

नोट- भारतवर्ष में 50 करोड़ लोग स्मार्टफोन प्रयोग करते हैं और शेष जनसंख्या प्रत्यक्ष और परोक्ष रुप से उन्हें फॉलो करती है।यदि हम सभी स्मार्टफोन यूजर्स सरकारी योजनाओं की जानकारी संबंधित पोस्ट का प्रचार प्रसार सोशल मीडिया पर प्राथमिकता के आधार पर करना शुरु कर दें तो कोई कारण नहीं दिखाई देता कि सरकारी योजनाओं का इंप्लीमेंटेशन(लागू करना) जमीनी स्तर पर न हो।

4.अपने क्षेत्र की कार्यकारिणी गठन करने के लिये 09719339320 कॉल या व्हाट्सएप पर सम्पर्क करें।

5. अंतर्राष्ट्रीय योग दिवसों में जिन योग साधकों व् समाजसेवियों ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष प्रतिभाग कर कार्यक्रमों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। योगीज़⛳सेना में उनका विशेष स्थान के साथ हार्दिक स्वागत है।

JOIN YOGIS⛳SENA

योगीज⛳सेना कार्यकारिणियों को योग दिवस में प्रतिभाग करने वाले साधकों व् समाजसेवियों के लिए सम्मान समारोह,अपने अपने क्षेत्र में आयोजित करना है।व् जहां-जहां अपनी कार्यकारिणियां गठित नही हैं।और वहाँ केवल वॉट्सएप्प ग्रुप्स हैं वहां के ग्रुप के सदस्यों से यह सम्मान समारोह आयोजित करने का अनुरोध है।इन कार्यक्रम के साथ ही, उसी समारोह में वहां की कार्यकारणी का गठन भी कर लिया जाए, कृपया इसपर अपने सुझाव दें?

??⛳ सक्रिय सदस्यों के यह सभी योगदान योगीज़⛳सेना में उनके उत्तरदायित्व निर्धारित करने में हमारी मदद करेंगे।⛳??

?आज आप योगीज⛳सेना के माध्यम से राष्ट्र के लिए जो कुछ भी तन मन धन से आसानी से कर सकते हैं आज बस उतना करें परंतु करने की प्रक्रिया में स्वयं को शामिल जरूर कर लें।कल हम निश्चित ही वह कर रहे होंगे जो आज हमें मुश्किल लगता है और एक दिन हम अपने राष्ट्र के लिए वह कर रहे होंगे जो आज हमें असंभव लगता है ।इसके लिए अनिवार्यता इस बात की है की हम करने की प्रक्रिया में रोजाना शामिल अवश्य हो, जितना भी आसानी से हम कर सकते हैं उतना अनिवार्यत: हर रोज कर दें। यह सब कुछ आप अपने निजी कार्यो के विषय में भी लागू कर सकते हैं। आप पाएंगे जीवन आसानी से गतिशील होने लगा है। रात को सोने से पहले स्वयं से प्रश्न पूछे जो आज हम आसानी से कर सकते थे आज हमने किया या नही किया? यदि आपकी अंतरात्मा आपको जवाब दे! नहीं किया है तो कल उस नहीं को नहीं दोहराएं।?

लाभ-1. सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि।

2.राष्ट्र के लोगों की आध्यात्मिकता व समृद्धि में वृद्धि। दुःखों में कमी।

3. अमूल्य मानव जीवन के सदुपयोग की आत्मसंतुष्टि।

उपर्युक्त में से जो भी कार्य आसान लगे, उसे अभी करके देखिए अच्छा लगेगा ।।जय हिंद।।

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