कृषक पीड़ा

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?मेरे प्यारे दोस्तो मे आप से? हाथ जोङकर विनती करता हूँ कि चुटकलों के बजाय इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।?

  
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*??यदि किसानों ने खेती*

          *करना छोड़ दिया तो*

          *तपस्वियों का तप* 

        *उद्योगपतियों के कारखाने*

          *नेताओं के भाषण?*

          *और देश का विकास*

     *सब धरे के धरे रह जाएंगे*।।
2008 में सरकारी टीचर का वेत्तन 30000 रुपये 

2016 में वेतन 50000 रुपये
2008 में किसान के गेहूँ की कीमत 1300 रुपये  2016 में 1500 रुपये
2008 में कपास 3500 रुपये 

2016 में 4500 रुपये
*विधायक का वेतन* 

2008 में 60000 रुपये

2016 में 125000 रुपये
2008 में मक्का 1000 रुपये

2016 में 1200 रुपये 
ज्वार 2008 मे 1200 रुपये 

2016 में 1400 रुपये
*दूसरी ओर कीटनाशकों के दाम डबल* 
डी ए पी 

2008 में 450 रुपये

2016 में 1250 रुपये
पोटाश 

2008 में 400 रुपये से 900 रूपये

सुपर 

2008 में 150 रुपये से 2016 में 300 रुपये
 *किसानों की आय डबल क्यों नही*????
*अगर सच्चे किसान के बेटे हो तो मेरी बात का समर्थन करना ओर किसान भाइयों को जागरुक करना*…
जय किसान।।         

                          सात वेतन आयोग बना दिये हैं अब तक।     
 *एक किसान आयोग भी बना दो साहेब*
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किसान खेत में मरता है और

किसान का बेटा फौज में,

नेता देश में ऐश करता है

उसका बेटा विदेश में।।

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अगर आप किसान के बेटे हैं तो इसे आगे बढायें। 

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